व्यास सम्मान 2023(Vyas Samman 2023) भारत का एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार है, जिसे हर वर्ष “धर्मयुग” पत्रिका द्वारा प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
व्यास सम्मान की स्थापना 1953 में हुई थी। इस पुरस्कार का नाम महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास के नाम पर रखा गया है। व्यास सम्मान एक नकद पुरस्कार है, जिसकी राशि ₹1 लाख है। इसके साथ ही, सम्मानित व्यक्ति को एक प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता है।
व्यास सम्मान विजेताओं की सूची (1991-2023)/Vyas Samman List 2023
| वर्ष | लेखक का नाम/व्यास सम्मान के विजेता के नाम | रचना/कृति | विधा/किताब का नाम (प्रकार) |
|---|---|---|---|
| 1991 | राम विलास शर्मा | भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दी | – |
| 1992 | डा. शिव प्रसाद सिंह | नीला चांद | उपन्यास |
| 1993 | गिरजा कुमार माथुर | मैं वक्र के सामने | काव्य |
| 1994 | धर्मवीर भारती | सपना अभी भी | काव्य संग्रह |
| 1995 | कुंवर नारायण | कोई दूसरा नहीं | काव्य संग्रह |
| 1996 | प्रो राम स्वरूप चतुर्वेदी | हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास | – |
| 1997 | केदार नाथ सिंह | उत्तर कबीर तथा अन्य कविताएं | काव्य |
| 1998 | गोविंद मिश्र | पांच आॅगनो वाला घर | उपन्यास |
| 1999 | श्री लाल मिश्र | विसरामपुर का संत | उपन्यास |
| 2000 | गिरिराज किशोर | पहला गिरमिटिया | उपन्यास |
| 2001 | रमेश चंद्र शाह | आलोचना का पक्ष | आलोचना |
| 2002 | कैलाश बाजपेई | पृथ्वी का कृष्ण पक्ष | प्रबन्ध काव्य |
| 2003 | चित्रा मुद्गल | आवां | उपन्यास |
| 2004 | मृदुला गर्ग | कंठ गुलाब | उपन्यास |
| 2005 | चन्द्रकांता | कथा सरितासार | उपन्यास |
| 2006 | परमानंद श्रीवास्तव | कविता का अर्थ | – |
| 2007 | कृष्णा सोबती | समय सरगम | उपन्यास |
| 2008 | मन्नू भंडारी | एक क यह भी | आत्मकथा |
| 2009 | अमर कांत | इन्हीं हथियारों से | – |
| 2010 | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी | फिर भी कुछ रह जाएंगे | – |
| 2011 | रामदरश मिश्र | आम के पत्ते | काव्य संग्रह |
| 2012 | नरेंद्र कोहली | न भूतो न भविष्यति | उपन्यास |
| 2013 | विश्वनाथ त्रिपाठी | व्योमकेश दरवेश | संस्मरण |
| 2014 | कमलकिशोर गोयनका | प्रेमचंद की कहानियों का काल क्रमानुसार अध्धयन | – |
| 2015 | डाॅ सुनीता जैन | क्षमा | काव्य |
| 2016 | सुरेंद्र वर्मा | काटना शमी का वृक्ष | – |
| 2017 | ममता कालिया | दुक्खम – सुक्खम | – |
| 2018 | लीलाधर जगूडी | जितने लोग उतने प्रेम | – |
| 2019 | नासिरा शर्मा | कागज की नाव | – |
| 2020 | प्रो शरद पगोर | पाटिलपुत्र की साम्राज्ञी | 30 वां व्यास सम्मान |
| 2021 | असगर वजाहत | महाबली | नाटक (31 वां व्यास सम्मान) |
| 2022 | डा ज्ञान चतुर्वेदी | पागलखाना | – |
| 2023 | पुष्पा भारती | संस्मरण “यादें, यादें और यादें” | – |
व्यास सम्मान हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पुरस्कार है। यह पुरस्कार हिंदी लेखकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित करता है।
33वां व्यास सम्मान 2023/33rd Vyas Samman 2023
33वां व्यास सम्मान 2023 के लिए चुने गए लेखक हैं पुष्पा भारती। उन्हें उनके उपन्यास “आग के द्वीप” के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। “आग के द्वीप” एक ऐतिहासिक उपन्यास है, जो 18वीं शताब्दी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस उपन्यास में लेखिका ने उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का सजीव चित्रण किया है।
पुष्पा भारती का जन्म 1952 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए किया है। वे एक कवियत्री, उपन्यासकार और कहानीकार हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में “आग के द्वीप”, “शंखनाद”, “लौहपथ”, “धूप के बादल”, “अनंत आकाश” आदि शामिल हैं।
व्यास सम्मान की घोषणा
व्यास सम्मान 2023 की घोषणा 13 दिसंबर 2023 को की गई थी। यह पुरस्कार 15 जनवरी 2024 को एक समारोह में प्रदान किया जाएगा। समारोह का आयोजन धर्मयुग पत्रिका द्वारा किया जाएगा। समारोह में सम्मानित व्यक्ति को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा और उन्हें एक प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
व्यास सम्मान का महत्व
व्यास सम्मान हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पुरस्कार है। यह पुरस्कार हिंदी लेखकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित करता है। यह पुरस्कार हिंदी साहित्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह पुरस्कार हिंदी साहित्य को समृद्ध और विकसित करने में मदद करता है।
निष्कर्ष
व्यास सम्मान हिंदी साहित्य का सर्वोच्च सम्मान है। यह पुरस्कार हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के माध्यम से हिंदी साहित्य को प्रोत्साहन मिलता है और हिंदी साहित्य का इतिहास समृद्ध होता है।